Sensex Nifty Kya Hai Hindi: जब हम बिजनेस की खबरें पढ़ते या देखते हैं, तो अक्सर सेंसेक्स और निफ्टी के बारे में सुनते हैं। कभी खबर आती है कि सेंसेक्स ने नया रिकॉर्ड बनाया, तो कभी बताया जाता है कि गिरावट के कारण निवेशकों को नुकसान हुआ। ऐसे में आम लोगों के मन में सवाल उठता है कि Sensex और Nifty आखिर हैं क्या?
असल में, ये दोनों शेयर बाजार के महत्वपूर्ण इंडेक्स हैं, जो यह बताते हैं कि बाजार में तेजी है या गिरावट। इनसे निवेशकों को यह समझने में मदद मिलती है कि उनका पैसा बढ़ेगा या घटेगा। अगर आप शेयर बाजार में निवेश या ट्रेडिंग करना चाहते हैं, तो सेंसेक्स और निफ्टी को समझना बहुत जरूरी है। इस लेख में हम सरल शब्दों में समझेंगे कि सेंसेक्स और निफ्टी क्या हैं (Sensex Nifty Kya Hai) और ये कैसे काम करते हैं।

Sensex Nifty Kya Hai
Sensex और Nifty भारत के दो प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक (Stock Market Indexes) हैं। ये BSE (Bombay Stock Exchange) और NSE (National Stock Exchange) के प्रदर्शन को मापने का एक तरीका हैं। इन्हें शेयर बाजार का बैरोमीटर कहा जाता है, क्योंकि ये बताते हैं कि पूरे बाजार का मूड यानी सेंटिमेंट कैसा है – बाजार में तेजी है या गिरावट।
हालांकि, सेंसेक्स और निफ्टी हर कंपनी के शेयर की स्थिति नहीं बताते, लेकिन ये यह संकेत जरूर देते हैं कि निवेशक ज्यादा शेयर खरीद रहे हैं या बेच रहे हैं।
Sensex BSE का मुख्य सूचकांक है, जिसमें देश की 30 सबसे बड़ी कंपनियां शामिल होती हैं। वहीं, Nifty NSE का प्रमुख सूचकांक है, जिसमें 50 सबसे बड़ी कंपनियां शामिल होती हैं। ये कंपनियां बाजार के अलग-अलग सेक्टरों से आती हैं और पूरे बाजार की स्थिति को दर्शाती हैं।
Sensex और Nifty क्यों जरूरी हैं?
भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी ही केवल इंडेक्स नहीं हैं, बल्कि कई अन्य इंडेक्स भी होते हैं, जो अलग-अलग सेक्टरों की स्थिति दिखाते हैं। ये इंडेक्स निवेशकों को यह समझने में मदद करते हैं कि बाजार का रुख कैसा है।
उदाहरण के लिए:
- Banking Index – 12 बड़े बैंकों के प्रदर्शन को दिखाता है।
- PSU Bank Index – सरकारी बैंकों के शेयरों की स्थिति बताता है।
- Metal Index – स्टील और माइनिंग कंपनियों के प्रदर्शन को दर्शाता है।
- Pharma Index – दवा कंपनियों के शेयरों की चाल बताता है।
हालांकि, जब पूरे बाजार के ट्रेंड को समझना हो, तो सबसे ज्यादा ध्यान Sensex और Nifty पर दिया जाता है। ये इंडेक्स बाजार का ओवरऑल सेंटिमेंट दिखाने के सबसे आसान और भरोसेमंद इंडिकेटर माने जाते हैं।
Sensex और Nifty को कैलकुलेट कैसे किया जाता हैं?
पहले सेंसेक्स और निफ्टी को कंपनियों की Market Capitalization के आधार पर कैलकुलेट किया जाता था। लेकिन 2003 के बाद से इसे Free Float Market Capitalization के आधार पर निकाला जाता है।
Market Capitalization क्या है?
Market Capitalization का मतलब है किसी कंपनी के सभी शेयरों की कुल कीमत। उदाहरण के लिए, अगर ABC कंपनी के कुल 500 शेयर हैं और हर शेयर की कीमत ₹100 है, तो उसकी Market Capitalization होगी:
500 × 100 = ₹50,000
Free Float Market Capitalization क्या है?
Free Float Market Capitalization में सिर्फ पब्लिक के पास मौजूद शेयरों को गिना जाता है, जबकि कंपनी के मालिकों (Promoters) के शेयर इसमें नहीं जोड़े जाते। उदाहरण के लिए, ABC कंपनी के 500 शेयरों में से 100 शेयर मालिकों के पास हैं और 400 शेयर जनता के पास हैं। तो Free Float Market Capitalization होगी:
400 × 100 = ₹40,000
मान लीजिए, बाजार में दो कंपनियां हैं –
ABC कंपनी की Free Float Market Capitalization = ₹50,000
XYZ कंपनी की Free Float Market Capitalization = ₹40,000
तो पूरे बाजार की Free Float Market Capitalization होगी:
₹50,000 + ₹40,000 = ₹90,000
Sensex की गणना
पहली बार जब BSE ने Sensex शुरू किया, तब Base Value 100 पॉइंट रखी गई थी ताकि गणना आसान हो।
अब, सेंसेक्स की वैल्यू निकालने के लिए:
Total Free Float Market Capitalization ÷ Base Value (100)
₹90,000 ÷ 100 = 900 (Sensex की वैल्यू)
Nifty की गणना
जब NSE ने Nifty शुरू किया, तब Base Value 1000 पॉइंट रखी गई थी।
Total Free Float Market Capitalization ÷ Base Value (1000)
₹90,000 ÷ 1000 = 90 (Nifty की वैल्यू)
सेंसेक्स और निफ्टी की वैल्यू हर दिन बदलती रहती है क्योंकि शेयरों के दाम भी ऊपर-नीचे होते रहते हैं।
Sensex और Nifty में अंतर (Difference)
Stock Exchange: Sensex को BSE (Bombay Stock Exchange) द्वारा और Nifty को NSE (National Stock Exchange) द्वारा मैनेज किया जाता है।
शुरुआत का साल: Sensex की शुरुआत 1986 में हुई थी, जबकि Nifty की शुरुआत 1996 में हुई थी।
शेयरों की संख्या: Sensex में 30 बड़ी कंपनियों के शेयर शामिल होते हैं, जबकि Nifty में 50 बड़ी कंपनियों के शेयर होते हैं।
Base Value: Sensex की बेस वैल्यू 100 रखी गई थी, जबकि Nifty की बेस वैल्यू 1000 रखी गई थी।
Full Form: Sensex का पूरा नाम Stock Exchange Sensitive Index है, जबकि Nifty का पूरा नाम National Fifty है।
Calculation Method: दोनों की गणना Free Float Market Capitalization के आधार पर की जाती है, लेकिन Sensex में 30 कंपनियां और Nifty में 50 कंपनियां शामिल होती हैं।
Representation: Sensex BSE का बेंचमार्क इंडेक्स है, जबकि Nifty NSE का बेंचमार्क इंडेक्स है।
Coverage: Nifty में अधिक कंपनियां शामिल होने के कारण यह Sensex की तुलना में अधिक विविधता प्रदान करता है।
Liquidity & Trading Volume: NSE का ट्रेडिंग वॉल्यूम ज्यादा होने की वजह से Nifty को अधिक लिक्विड माना जाता है, जबकि Sensex अपेक्षाकृत कम लिक्विड है।
महत्व: दोनों इंडेक्स भारतीय शेयर बाजार की दशा-दिशा को दर्शाते हैं और निवेशकों के लिए बाजार की स्थिति को समझने में मदद करते हैं।
Sensex VS Nifty Returns (कौन सा बहतर है?)
Nifty और Sensex भारत के दो प्रमुख स्टॉक मार्केट इंडेक्स हैं। इनमें से कौन बेहतर है, इस पर लंबे समय से चर्चा होती रही है। Sensex को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के रूप में भी जाना जाता है। यह दुनिया के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंजों में से एक है और यहां कई कंपनियों के शेयर लिस्टेड और ट्रेड होते हैं।
NSE का आकार बड़ा है और यह डेरिवेटिव्स (F&O) ट्रेडिंग में आगे है। NSE पर अधिक कंपनियां लिस्टेड हैं, ट्रेडिंग वॉल्यूम ज्यादा होता है और Sensex की तुलना में इसमें अधिक लिक्विडिटी होती है।
शेयर बाजार में नए निवेशकों को आमतौर पर Sensex से शुरुआत करने की सलाह दी जाती है, जबकि डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग (F&O) के लिए Nifty बेहतर माना जाता है। NSE व्यापक इंडेक्स है, जिसमें 24 सेक्टर शामिल हैं, जबकि Sensex केवल 13 सेक्टरों को कवर करता है।
NSE में अधिक ट्रेडर्स होने की वजह से खरीद-बिक्री तेज होती है और इसकी लिक्विडिटी ज्यादा होती है। हालांकि, दोनों इंडेक्स ने ऐतिहासिक रूप से समान रिटर्न दिए हैं, लेकिन Sensex पारंपरिक रूप से बेहतर प्रदर्शन करता रहा है।
निष्कर्ष
उम्मीद है कि सेंसेक्स और निफ्टी को लेकर आपकी सारी उलझनें दूर हो गई होंगी और आपके सभी सवालों के जवाब मिल गए होंगे, जैसे – Sensex और Nifty क्या होते हैं, इनमें क्या अंतर है और इन्हें कैसे कैलकुलेट किया जाता है।
अगर फिर भी आपके मन में कोई सवाल बचा है, तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। अगर यह जानकारी आपके लिए फायदेमंद रही हो, तो इसे अपने उन दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें जो शेयर बाजार के बारे में सीखना चाहते हैं।